मन माहौल चाहता है
जब नहीं मिलता है तब कीचुआ जाता है
मन भागना चाहता है
यहाँ नहीं रहना चाहता है , झेला जाता है
मगर इतना जानता है की साले को हर
हर जगह ईहे मुसीबत है
मन चाहता है की जोड़ीदार मिले
जब जोड़ीदार जैसा कुछ मिलता है तो फिर कीचुआ जाता है
मन को बड़ा होने में बहुते टाइम लग जायेगा
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लोग जगह ऐसे देखता है जैसे टीवी में देख रहा है
वही सब कुछ है बस सामने पिक्चर चेंज हो रहा है
काहे घूमता है लोग बेमतलब्बे
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जब नहीं मिलता है तब कीचुआ जाता है
मन भागना चाहता है
यहाँ नहीं रहना चाहता है , झेला जाता है
मगर इतना जानता है की साले को हर
हर जगह ईहे मुसीबत है
मन चाहता है की जोड़ीदार मिले
जब जोड़ीदार जैसा कुछ मिलता है तो फिर कीचुआ जाता है
मन को बड़ा होने में बहुते टाइम लग जायेगा
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लोग जगह ऐसे देखता है जैसे टीवी में देख रहा है
वही सब कुछ है बस सामने पिक्चर चेंज हो रहा है
काहे घूमता है लोग बेमतलब्बे
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