Thursday, August 28, 2014

तलाश बीहड़ की जारी है

she shows her lovely tresses covering the fullness of her breast
he says jesus loves you

बुड़बक के कोई सींघ पुच्छी होता है।
जिनगी एक बहुत बड़े चुतियापे की रनिंग कमेंटरी है ऐसा मेरा मंतव्य है
आपको लगता है की आप ससुरे बड़ी सजग है और तबाही मचाये हुए हैं मगर दो घर छोड़ के किसी को झांट फरक नहीं पड़ता है
इतना समझते समझते जिनगी का तीस बत्तीस साल बूरा जाता है

रसिक हरामी के निर्माण बीहड़ में होता है, रईसी में आदमी बस बकैती कर सकता है जैसे हम कर रहे हैं

तलाश बीहड़ की जारी है

ek tho ajeeb jagah gaye

बर्मा जी आये हुए थे. उनके फिल्म का स्क्रीनिंग था तो हम भी गए. एनीमेशन में कहानी खूबसूरती से कहने के गुर दिखे मगर कहानी नहीं दिखि. अतशयोक्ति नहीं होगी मगर उस पूरे पैनल में बस वर्मा जी की कहानी में थोड़ा रेस्ट्राइन थोड़ा सबटेक्सट दिखा बाकि सब हगने पे आमादा थे. लगा कोई भी कैमरा पकड़ के हेंच ले और एक पिक्चर निकल जाए.कैमरा किनते आदमी फिल्मकार हो जाता है. पोजीसन लेने का पूरा जल्दी है. फिल्मकार कहलाने का पूरा जल्दी है.…… मजा नहीं आया ता दुन्नु गोटे भागे उधर से. ज़ाग्रेब से लौट कर आने के बाद बर्मा जी कचरा देखने से सतर्क हैं. एक बढ़िया आर्टिस्ट की शुरुआत हो गयी है।  यहाँ तो आधा पब्लिक हग्गे में और काम में फरक महसूस नहीं कर पता है काहेकि कोई  थ्योरेटिकल फ्रेमवर्क नहीं है और न कोई ऑब्जेक्टिव पैमाना है, और जो सब्जेक्टिव पैमाना है उसपे क्या बकर करें.

बर्मा जी बोले हैं की अपना कलेक्सन भर बढ़िया एनीमेशन दिखाएंगे। हम भी बेसब्र हो रहे हैं. कुछ नया काफी बक्त से देखे नहीं है बकचोदी देखते देखते मन कीचुआ गया है. तीन दिन छुट्टी है. अपना भी काम का बोझ है मगर नया जब भी कुछ दिखे....त ready when you are....

Thursday, August 7, 2014

कहिया आबेगा बसंत
एतना झूठे अगराबे से ता
कोइओ मौसम मजेदार लगे लगेगा

बाकि इन्तेजार से जादा कुच्छो करे का हमरा मूड नहीं है

मौसम है सोशलिज्म थोड़े है की आते आते आवेगा
बाकि हर नया आनेवाला चीज  बढ़िया से लौकिए

बखत ख़राब है
मौसम तो फिन भी ठीक हो जाबेगा