कहिया आबेगा बसंत
एतना झूठे अगराबे से ता
कोइओ मौसम मजेदार लगे लगेगा
बाकि इन्तेजार से जादा कुच्छो करे का हमरा मूड नहीं है
मौसम है सोशलिज्म थोड़े है की आते आते आवेगा
बाकि हर नया आनेवाला चीज बढ़िया से लौकिए
बखत ख़राब है
मौसम तो फिन भी ठीक हो जाबेगा
एतना झूठे अगराबे से ता
कोइओ मौसम मजेदार लगे लगेगा
बाकि इन्तेजार से जादा कुच्छो करे का हमरा मूड नहीं है
मौसम है सोशलिज्म थोड़े है की आते आते आवेगा
बाकि हर नया आनेवाला चीज बढ़िया से लौकिए
बखत ख़राब है
मौसम तो फिन भी ठीक हो जाबेगा
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